रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों में ओवररेटिंग, नियमों के विपरीत थोक बिक्री और भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। आबकारी आयुक्त ने बलौदाबाजार और धमतरी समेत तीन आबकारी उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है।
विभाग की इस कार्रवाई के बाद शराब बिक्री में नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
ओवररेटिंग के मामले में कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, बलौदाबाजार के आबकारी उपनिरीक्षक पी. माधव राव को शराब दुकानों में निर्धारित कीमत से अधिक पर शराब बेचने यानी ओवररेटिंग के मामले में निलंबित किया गया है।
वहीं, धमतरी के आबकारी उपनिरीक्षक आशा राम शाक्य पर नियमों के विपरीत शराब की थोक बिक्री से जुड़े मामले में कार्रवाई की गई है। उन्हें भी निलंबित कर दिया गया है।
भ्रष्टाचार मामले में संतोष नारंग पर गिरी गाज
तीसरी कार्रवाई आबकारी उपनिरीक्षक संतोष नारंग के खिलाफ की गई है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में EOW-ACB की ओर से न्यायालय में चालान पेश किया गया था।
चालान पेश होने के बाद आबकारी आयुक्त ने विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए संतोष नारंग को भी निलंबित कर दिया।
शराब दुकानों की व्यवस्था पर उठे सवाल
तीन उपनिरीक्षकों पर हुई कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग में हलचल तेज हो गई है। ओवररेटिंग, नियमों के विपरीत थोक बिक्री और भ्रष्टाचार जैसे मामलों ने शराब दुकानों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
विभाग की ओर से संकेत दिया गया है कि शराब बिक्री से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रह सकती है।