Meta Pixel

बिजली उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी जरुरी : एप से एक मिनट में ही सहजता से होगा, दफ्तरों में भी सुविधा

Spread the love

रायपुर। प्रदेश के 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए भी अब ई-केवाईसी जरूरी कर दिया गया है। घरेलू, गैरघरेलू से लेकर हर वर्ग के उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी कराना ही होगा। मोर बिजली एप के माध्यम से ई-केवाईसी प्रारंभ हो गया है। इसमें महज एक मिनट में ही ई-केवाईसी आसानी से हो जा रहा है। प्रदेशभर में पॉवर कंपनी के सभी बिजली दफ्तरों में इसकी सुविधा है। इसी के साथ अब मीटर रीडरों की भी हर माह 15 दिनों के लिए ड्यूटी लगाई गई है।

ई-केवाईसी के लिए सिर्फ आधारकार्ड और बिजली कनेक्शन का बीपी नंबर लग रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने प्रदेश में पहली बार बिजली कनेक्शनों का भी ई-केवाईसी कराने का फैसला किया है। इसके लिए बड़ी तैयारी की गई है। इस बात का खास ध्यान रखा जा रहा है कि इसको लेकर उपभोक्ताओं को परेशानी न हो और उनको किसी च्वाइस सेंटर में जाकर लाइन लगाने की जरूरत भी न पड़े।

मोर बिजली एप में एक मिनट में ही ई-केवाईसी
मोर बिजली एप के माध्यम से उपभोक्ता खुद भी ई-केवाईसी कर रहे हैं। इसके लिए मोर बिजली एप में विशेष व्यवस्था की गई है। मोर बिजली एप में जैसे आधार का फेस एप डाउनलोड करना है। इसको डाउनलोड करते ही सीधे आधार नंबर मांगा जा रहा है। आधार नंबर डालते ही आधार के नाम और बिजली कनेक्शन के नाम का मिलान किया जा रहा है। इसके बाद मोबाइल नंबर पर ओटीपी आ जाती है। ओटीपी डालते ही सीधे मोबाइल से सेल्फी का ऑप्शन खुल रहा है। चेहरे की फोटो खींचते ही ई-केवाईसी हो जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में महज एक मिनट से भी कम समय लग रहा है।

रीडर भी जाएंगे घर-घर 
पॉवर कंपनी ने प्रदेशभर में मीटर रीडिंग करने वाले पांच हजार से ज्यादा रीडरों को भी इस काम में लगाने का फैसला किया है। मीटर रीडर हर माह 15 दिनों कर अपनी रीडिंग का काम करेंगे, इसके बाद के 15 दिनों तक वे उपभोक्ताओं के घर-घर जाकर उनके कनेक्शनों का ई-केवाईसी कराने में मदद करेंगे।

दफ्तरों में भी सुविधा
प्रदेश में पॉवर कंपनी के जितने भी डीसी सेंटर हैं, वहां पर भी ई-केवाईसी के लिए अलग से काउंटर बनाए गए हैं। इन काउंटरों में चेहरे के साथ ही थंब का भी ऑप्शन रहेगा। उपभोक्ता अपने क्षेत्र के डीसी सेंटर में भी जाकर ई-केवाईसी करा सकते हैं। उपभोक्ताओं को बस अपना आधारकार्ड ले जाना होगा। साथ ही बिजली बिल भी ले जाना होगा, ताकि उससे बीपी नंबर लिया जा सके। ज्यादातर डीसी सेंटरों में सोमवार से काउंटर प्रारंभ होंगे।

नाम सुधार और नाम परिवर्तन भी
अगर किसी उपभोक्ता का नाम बिजली कनेक्शन में अलग और आधारकार्ड में अलग होगा तो पहले बिजली कनेक्शन में उनका नाम सुधारा जाएगा। इसके बाद ई-केवाईसी किया जाएगा। अगर कनेक्शन परिवार के किसी और के नाम से होगा और उनका निधन हो गया होगा तो उनका मृत्यु प्रमाणपत्र लेकर बिजली कनेक्शन में नाम परिवर्तन भी किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *