जांजगीर-चांपा: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में करीब दो महीने पहले हुई एक युवक की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे प्रेम संबंध वजह थी। आरोप है कि युवक अपनी शादीशुदा प्रेमिका से देर रात मिलने उसके घर पहुंचा था। इसी दौरान महिला के भाई ने दोनों को देख लिया और विवाद के बाद युवक पर हमला कर दिया।
पुलिस का कहना है कि युवक भागने की कोशिश कर रहा था, तभी आरोपी भाई ने कथित तौर पर फावड़े से उसके सिर और छाती पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद महिला और उसके बड़े भाई ने शव को ठिकाने लगाने में मदद की। शव को गांव की एक बाड़ी में झाड़ियों के बीच छिपा दिया गया।
मामला मुलमुला थाना क्षेत्र के कोसा गांव का है। पुलिस ने मामले में महिला और उसके दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है।
डॉग स्क्वाड ने आरोपियों के घर तक पहुंचाया पुलिस को
हत्या की जांच के दौरान पुलिस ने आधुनिक तकनीक के साथ-साथ ट्रैकर डॉग की मदद भी ली। बिलासपुर से लाई गई ट्रैकर डॉग ‘विमला’ संदिग्ध घर के आसपास पहुंची और वहां दो चक्कर लगाने के बाद मुख्य दरवाजे के सामने बैठ गई।
इसके बाद पुलिस ने घर की दीवार की जांच की, जहां कथित तौर पर खून के निशान मिले। फोरेंसिक टीम ने नमूने लेकर जांच की और खून मानव का होने की पुष्टि की।
इसके बाद पुलिस ने युवती और उसके दोनों भाइयों से पूछताछ शुरू की। पुलिस के मुताबिक, तीनों शुरुआत में अलग-अलग बयान देकर जांच को भटकाने की कोशिश करते रहे। सख्ती से पूछताछ के बाद उन्होंने कथित तौर पर पूरी घटना का खुलासा किया।
200 से ज्यादा टावर डंप और कई तकनीकों से जांच
पुलिस ने इस अंधेकत्ल की जांच के लिए कई तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल किया। जांच में 200 से अधिक मोबाइल टावर डंप, CDR, IPDR, GPS, CCTV फुटेज और फोरेंसिक तकनीक का विश्लेषण किया गया।
इसके अलावा संदिग्धों से पूछताछ में ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट जैसी प्रक्रियाओं का भी इस्तेमाल किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी।
पुलिस ने घटना का रिक्रिएशन किया और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की दोबारा जांच भी कराई।
27 जून से लापता था अमित, 29 जून को मिला शव
पुलिस के मुताबिक, 25 वर्षीय अमित भंडारी कोसा गांव का रहने वाला था और मजदूरी करता था। उसका उसी गांव की संतोषी सिंह क्षत्रिय से प्रेम संबंध था। संतोषी शादीशुदा थी, लेकिन दोनों के बीच बातचीत जारी रहने की बात जांच में सामने आई।
बताया गया कि पति से विवाद होने के बाद संतोषी अक्सर अपने मायके आ जाती थी।
इसी बीच 29 जून को गांव की एक बाड़ी में एक युवक का शव बरामद हुआ। बाद में उसकी पहचान अमित भंडारी के रूप में हुई। अमित 27 जून से लापता था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया था।
घर की दीवार पर मिले खून के निशान से बढ़ा शक
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और संदिग्धों के घर की बारीकी से जांच की। ट्रैकर डॉग विमला ने संदिग्ध घर के सामने रुककर पुलिस को अहम सुराग दिया।
इसके बाद घर की दीवार पर मिले खून के निशान की फोरेंसिक जांच कराई गई। नमूने में मानव रक्त की पुष्टि होने के बाद पुलिस का शक और गहरा गया।
इसके बाद तीनों भाई-बहनों से दोबारा पूछताछ की गई और पुलिस के अनुसार इसी दौरान हत्या की पूरी कहानी सामने आई।
रात 2:30 बजे प्रेमिका से मिलने पहुंचा था अमित
पुलिस के मुताबिक, संतोषी उस समय अपने मायके में रह रही थी। 27-28 अगस्त की दरमियानी रात अमित और संतोषी के बीच करीब रात 1:30 बजे तक फोन पर बातचीत हुई।
इसके करीब एक घंटे बाद, यानी रात लगभग 2:30 बजे, अमित संतोषी से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा। इसी दौरान उसका भाई बजरंग सिंह टेंट का काम खत्म करके घर लौटा।
घर के पीछे से आवाज सुनकर बजरंग वहां पहुंचा। पुलिस के मुताबिक, उसने अपनी बहन को अमित के साथ देख लिया, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।
भागने की कोशिश में फावड़े से हमला
पुलिस के अनुसार, विवाद के दौरान अमित के साथ मारपीट हुई और उसका सिर पीछे मौजूद दीवार से टकरा गया। इससे दीवार पर खून के निशान पड़ गए।
इसके बाद अमित जान बचाने के लिए दीवार फांदकर भागने की कोशिश करने लगा। आरोप है कि इसी दौरान बजरंग सिंह ने पास रखे फावड़े से अमित के सिर और छाती पर वार कर दिया।
गंभीर चोटों के चलते अमित की मौके पर ही मौत हो गई।
शव को झाड़ियों में छिपाया
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद बजरंग ने अमित के शव को घर के पीछे मौजूद बाड़ी में झाड़ियों के नीचे छिपा दिया।
इसी दौरान गांव में चोरी की सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम भी मौजूद थी। गांव में लोगों के जागने की वजह से आरोपी उसी समय शव को किसी दूसरी जगह ले जाने में सफल नहीं हो सके।
महिला ने भी शव छिपाने में मदद की
पुलिस का आरोप है कि संतोषी ने घटना देखी और शव को छिपाने में बजरंग की मदद की। अगले दिन जब बजरंग का बड़ा भाई पप्पू सिंह गांव लौटा, तो उसे भी पूरी घटना की जानकारी दी गई।
पुलिस के मुताबिक, इसके बाद दोनों भाइयों ने अमित को तलाशने का नाटक किया। वे अमित के परिवार के साथ थाने पहुंचे और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने की प्रक्रिया में भी शामिल हुए।
आधी रात को शव दूसरी जगह पहुंचाया
पुलिस के अनुसार, 28 जून की रात करीब 12 बजे मौका देखकर बजरंग और पप्पू ने अमित के शव को गांव के बीच स्थित दूसरी जगह ले जाकर रख दिया।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, ऐसा इसलिए किया गया ताकि हत्या का शक उनके ऊपर न जाए और पुलिस को भ्रमित किया जा सके।
हत्या में इस्तेमाल फावड़ा और सीढ़ी जब्त
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल फावड़ा बरामद कर लिया है। इसके अलावा शव को दूसरी जगह ले जाने में इस्तेमाल की गई लोहे की छोटी सीढ़ी भी जब्त की गई है।
मामले में गिरफ्तार महिला और उसके दोनों भाइयों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले में सामने आए सभी साक्ष्यों और आरोपों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।