IRCTC Ticket Booking: त्योहारी सीजन में ट्रेनों की बढ़ती मांग के बीच भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकट बुकिंग व्यवस्था ने नया रिकॉर्ड बनाया है। 7 सितंबर 2026 को IRCTC के NGeT यानी Next Generation e-Ticketing सिस्टम के जरिए एक ही दिन में 20,06,353 टिकट बुक किए गए।
यह IRCTC के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अब तक का सबसे बड़ा एक दिन का टिकट बुकिंग आंकड़ा बताया गया है। खास बात यह रही कि रिकॉर्ड संख्या में टिकट बुक होने और बड़ी संख्या में यात्रियों के एक साथ ऑनलाइन आने के बावजूद NGeT सिस्टम में किसी बड़े फेलियर या आउटेज की जानकारी नहीं मिली।
अगले दिन यानी 8 सितंबर को भी 19,50,699 टिकट बुक किए गए।
पिछले साल का रिकॉर्ड भी टूटा
पिछले साल त्योहारी सीजन के दौरान 19 अगस्त को 18,40,203 टिकट एक दिन में बुक हुए थे। इस साल 7 सितंबर का आंकड़ा उससे काफी ज्यादा रहा।
IRCTC के मुताबिक शुरुआती ARP बुकिंग के दिनों में सिस्टम पर भारी संख्या में यूजर लॉगिन करते हैं। इसके बावजूद NGeT प्लेटफॉर्म ने इस दबाव को संभाला और ऑनलाइन टिकट बुकिंग सेवा सामान्य रूप से चलती रही।
सुबह के शुरुआती 15 मिनट में सबसे ज्यादा दबाव
ट्रेन की आरक्षित सीटों की बुकिंग शुरू होते ही ऑनलाइन सिस्टम पर यात्रियों का दबाव तेजी से बढ़ जाता है। सुबह 8 से 9 बजे के बीच दिन की कुल टिकट बुकिंग का करीब 8.43% से 14.14% हिस्सा दर्ज होता है।
इसमें भी सुबह 8 बजे से 8:15 बजे के बीच सबसे ज्यादा लोग टिकट बुक करने की कोशिश करते हैं।
IRCTC के अनुसार शुरुआती ARP बुकिंग के दौरान NGeT सिस्टम ने करीब 1.33 करोड़ से 1.74 करोड़ लॉगिन और लगभग 17 लाख से 20 लाख टिकट बुकिंग तक का लोड संभाला है।
नए सर्वर से बढ़ी सिस्टम की क्षमता
रिकॉर्ड बुकिंग के दबाव को देखते हुए IRCTC ने अपने NGeT सिस्टम में तकनीकी स्तर पर कई बदलाव किए हैं। पुराने सर्वरों को नए सर्वरों से बदला गया है, जिससे सिस्टम की क्षमता लगभग दोगुनी हो गई है।
इसके साथ ही सॉफ्टवेयर में सुधार और सिस्टम आर्किटेक्चर को भी अपग्रेड किया गया है। इन बदलावों का उद्देश्य टिकट बुकिंग के दौरान वेबसाइट को अधिक तेज और स्थिर बनाए रखना है।
नए यूजर इंटरफेस से टिकट चुनना हुआ आसान
IRCTC ने 15 जुलाई 2026 से नए यूजर इंटरफेस का बीटा वर्जन भी शुरू किया है। इसमें यात्रियों को एक ही स्क्रीन पर अलग-अलग क्लास में सीटों की उपलब्धता देखने की सुविधा मिलती है।
इससे यात्री स्लीपर, AC 3 Tier और AC 2 Tier जैसे विकल्पों की उपलब्धता की आसानी से तुलना कर सकते हैं और अपनी जरूरत के मुताबिक टिकट चुन सकते हैं।
एंटी-बॉट सिस्टम ने रोका 65% तक संदिग्ध ट्रैफिक
ऑनलाइन टिकट बुकिंग में बॉट या ऑटोमेटेड ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए IRCTC ने एंटी-बॉट तकनीक और CDN (Content Delivery Network) का इस्तेमाल बढ़ाया है।
कंपनी के अनुसार हाल के महीनों में इस व्यवस्था के जरिए करीब 55% से 65% तक संदिग्ध बॉट ट्रैफिक को रोका गया है।
CDN की मदद से वेबसाइट की सामान्य सामग्री का लोड मुख्य NGeT सिस्टम से कम होता है। इससे वास्तविक यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग के दौरान सिस्टम पर अनावश्यक दबाव घटता है।
IRCTC की नेटवर्क सिक्योरिटी टीम फर्जी वेबसाइट और IRCTC के नाम पर संचालित किए जा रहे नकली मोबाइल ऐप्स के खिलाफ भी कार्रवाई कर रही है।
एजेंटों की शुरुआती टिकट बुकिंग पर प्रतिबंध
आरक्षित टिकटों की शुरुआती बुकिंग में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अधिकृत टिकट एजेंटों को सुबह 8 बजे से 8:10 बजे तक शुरुआती 10 मिनट में ARP टिकट बुक करने की अनुमति नहीं है।
इस नियम के दायरे में YTSK, RTSA और IRCTC एजेंट शामिल हैं।
इसके अलावा 12 अक्टूबर 2025 से शुरुआती ARP विंडो में टिकट बुक करने के लिए आधार-प्रमाणित यूजर होना अनिवार्य किया गया है।
3.04 करोड़ यूजर आईडी निष्क्रिय
टिकट बुकिंग में फर्जीवाड़े और सिस्टम के दुरुपयोग को रोकने के लिए IRCTC ने यूजर अकाउंट्स की बड़े स्तर पर जांच की है।
अब तक करीब 3.04 करोड़ यूजर आईडी निष्क्रिय की जा चुकी हैं, जबकि लगभग 6.33 करोड़ आईडी को दोबारा वेरिफिकेशन के लिए रखा गया है।
इसके अलावा IRCTC ने 16,041 संदिग्ध ई-मेल डोमेन ब्लॉक किए हैं। साइबर क्राइम पोर्टल पर 592 शिकायतें भी दर्ज कराई गई हैं, जिनमें करीब 4.21 लाख संदिग्ध PNR शामिल हैं।
रिकॉर्ड बुकिंग के बीच लगातार चलता रहा NGeT
IRCTC के मुताबिक करोड़ों लॉगिन और रिकॉर्ड स्तर की टिकट बुकिंग के बावजूद NGeT प्लेटफॉर्म लगातार सक्रिय रहा। नए सर्वर, बेहतर सिस्टम आर्किटेक्चर, एंटी-बॉट तकनीक और नए यूजर इंटरफेस जैसे बदलावों से ऑनलाइन टिकट बुकिंग सिस्टम की क्षमता और सुरक्षा मजबूत करने की कोशिश की गई है।
त्योहारी सीजन में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए IRCTC की ओर से तकनीकी और साइबर सुरक्षा से जुड़े सुधार आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।