लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। आगामी गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दीपावली और छठ पर्व को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए खराब सड़कों को तत्काल चलने लायक बनाया जाए और बारिश थमने के बाद उनका स्थायी नवीनीकरण कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग समेत 9 प्रमुख विभागों के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने सड़क मरम्मत में किसी भी तरह की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया कि सड़कें केवल औपचारिक पैचवर्क करके छोड़ने के बजाय गुणवत्तापूर्ण तरीके से ठीक की जाएं।
त्योहारों से पहले 681 महत्वपूर्ण मार्गों पर फोकस
सरकार ने त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली भीड़ और श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए 681 अति-महत्वपूर्ण मार्गों को प्राथमिकता के लिए चिन्हित किया है। इन सड़कों को युद्धस्तर पर दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही अस्पताल, स्कूल, बाजार और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने वाली सड़कों की स्थिति सुधारने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
50 हजार किमी सड़कें गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में लोक निर्माण विभाग, मंडी परिषद, पंचायती राज, सिंचाई, ग्राम्य विकास और नगर विकास समेत 9 विभागों के अधीन करीब 4.36 लाख किलोमीटर सड़कें हैं।
मौजूदा अभियान के तहत 50 हजार किलोमीटर सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से अब तक 5,751 किलोमीटर सड़क का काम पूरा किया जा चुका है।
वहीं, सड़क नवीनीकरण के लिए तय 30 हजार किलोमीटर के लक्ष्य में करीब 14 हजार किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। विशेष मरम्मत के 5 हजार किलोमीटर लक्ष्य में से करीब 700 किलोमीटर पर कार्य पूरा किया गया है।
बारिश रुकते ही होगा स्थायी नवीनीकरण
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फिलहाल जहां सड़कें ज्यादा खराब हैं, वहां तत्काल मरम्मत कर उन्हें मोटरेबल बनाया जाए। बारिश का दौर समाप्त होने के बाद ऐसी सड़कों का स्थायी नवीनीकरण कराया जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गड्ढामुक्ति अभियान सिर्फ खानापूर्ति तक सीमित नहीं होना चाहिए। सड़क की मरम्मत में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।
एक्सप्रेस-वे और रेलवे परियोजनाओं से प्रभावित सड़कों का होगा सर्वे
बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे, रेलवे परियोजनाओं और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण खराब हुई सड़कों का दोबारा सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों तथा प्रदेश के संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि काम में तेजी जरूरी है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।
बैठक में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री मौजूद रहे।