ऐन त्योहार के पहले बाजार में मिलावटी और खराब चीजों की बिक्री का खुलासा हुआ है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने शनिवार को शहर के चार इलाकों में अचानक छापेमारी की। कहीं मिठाई बनाने वाले दूध में कीड़े मिले तो कहीं ब्रेड फैक्ट्री में चूहे घूमते दिखाई दिए। तीन दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। इतना ही नहीं बड़ी मात्रा में मिठाई और ब्रेड भी नष्ट कराई गई।
कमल विहार के गोदाम से हजारों किलो खाद्य सामग्री जब्त की गई। गोदाम के पास रहने वाले लोग लगातार गंदगी की शिकायत कर रहे थे। इसके बाद विभाग ने अलग-अलग टीम बनाकर जांच की। राजधानी की दुकानों में कार्रवाई के लिए विभाग के नियंत्रक दीपक अग्रवाल खुद ही अफसरों के साथ घूमते रहे। गौरतलब है कि समता कॉलोनी में स्थित ब्रेड बास्केट पर खाद्य विभाग ने दिसंबर 2025 में भी छापा मारकर गंदगी मिलने पर व्यवस्था सुधारने की चेतावनी दी थी। करीब दस महीने बाद दोबारा जांच हुई तो हालात जस के तस मिले। ब्रेड बनाने की जगह चूहे घूमते मिले। पेस्ट कंट्रोल का रिकॉर्ड और कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाणपत्र भी नहीं मिले।
गंदे खाद्य पदार्थों से पेट और किडनी तक को नुकसान दूषित पानी और मक्खियों के संपर्क में आने वाले खाद्य पदार्थों से टाइफाइड और बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा रहता है। इससे पेट और आंतों पर असर पड़ सकता है। चूहों की गंदगी से लेप्टोस्पायरोसिस संक्रमण फैल सकता है, जिसमें बुखार, उल्टी, पीलिया और किडनी को नुकसान होने की आशंका रहती है। वहीं मिठाई में शक्कर की जगह ग्लूकोज का घोल मिलाना भी स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है। खासकर डायबिटीज के मरीजों में इससे ब्लड शुगर बढ़ सकती है, जिसका असर किडनी, हृदय और आंखों पर पड़ सकता है। डॉ. देवेंद्र नायक, सर्जिकल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विशेषज्ञ
वर्जन
खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं होगा। जांच में मिली अनियमितताओं पर तत्काल कार्रवाई की गई है। नमूनों की रिपोर्ट के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई करेंगे। दीपक अग्रवाल, नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन
कहां किस तरह की गड़बड़ी मिली
खत्री स्वीट्स बीरगांव: बीरगांव में स्थित खत्री स्वीट्स में मिठाई बनाने के लिए रखे दूध में कीड़े तैरते मिले। मिठाइयों की गुणवत्ता भी संदिग्ध पाई गई। टीम ने करीब 80 लीटर दूध, 3 किलो केक और 20 किलो चमचम सहित अन्य सामग्री नष्ट कराई। लाइसेंस निलंबित।
अग्रवाल मिठाई वाला: रामकृष्ण हॉस्पिटल के पास अग्रवाल मिठाई वाला में मिठाई निर्माण स्थल का फर्श गंदा मिला। यहां 100 किलो बालूशाही, 25 किलो रसगुल्ला, 10 किलो काजू खोवा, 5 किलो दूध खोवा, 25 किलो खोवा-काजू नष्ट कराया। लाइसेंस निलंबित।
ब्रेड बास्केट: समता कॉलोनी में लक्ष्मी फूड प्रोडक्ट्स के नाम से संचालित ब्रेड बास्केट में ब्रेड बनाने की जगह पर चूहे घूमते मिले। स्टोर रूम में भी गंदगी थी। टीम ने करीब 80 किलो ब्रेड नष्ट कराई। यहां का खाद्य लाइसेंस भी निलंबित किया गया।
कृष्णा स्वीट्स: कमल विहार में स्थित कृष्णा स्वीट्स बिना खाद्य लाइसेंस के संचालित मिला। टीम ने यहां से 720 किलो डिलीशियस स्वीट्स, 112 किलो मैसूर पाक और 2500 किलो कुंदा जब्त किया। कुंदा और मैसूर पाक के नमूने जांच के लिए लिए गए।
काजू कतली में मूंगफली मिलाई, खोवा बर्फी में सूजी
त्योहारों में महंगी मिठाइयों के नाम पर ग्राहकों को क्या परोसा जा रहा है, इसकी एक झलक बीरगांव की खत्री स्वीट्स में खाद्य विभाग की छापेमारी के दौरान सामने आई। जांच में अधिकारियों को शक हुआ कि दुकान में काजू कतली बनाने के लिए काजू की जगह मूंगफली का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं खोवा बर्फी में खोवा के साथ सूजी मिलाए जाने की बात सामने आई। मिठाई में शक्कर की जगह ग्लूकोज का घोल इस्तेमाल किए जाने की आशंका भी जताई गई। इन गड़बड़ियों को लेकर अधिकारियों ने संचालक को जमकर फटकार लगाई। काजू, बूंदी, शक्कर और मिल्क केक के नमूने भी जांच के लिए लिए गए हैं।
हालांकि काजू कतली में मूंगफली, खोवा बर्फी में सूजी और शक्कर की जगह ग्लूकोज के इस्तेमाल की आशंका की पुष्टि प्रयोगशाला जांच के बाद ही होगी। रिपोर्ट आने पर ही स्पष्ट होगा कि मिठाइयों में वास्तव में किन सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया था।