आपकी गाड़ी का बीमा खत्म हो गया है, पीयूसी नहीं बनवाया या फिटनेस की मियाद निकल चुकी है तो टोल नाके से गुजरते समय यह बात छिप नहीं सकती। टोल पर लगे कैमरे गाड़ी का नंबर पढ़कर उसके दस्तावेजों की स्थिति जांच रहे हैं। कमी मिलने पर वाहन मालिक के मोबाइल पर चालान भेजा जा रहा है।
लेकिन लोग इन चालानों को नजरअंदाज कर रहे हैं। अब इसका असर सिर्फ जुर्माने तक सीमित नहीं रह सकता। केंद्र की मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे (एमओआरटीएच) से सीधे ऐसे मैसेज भेजे जा रहे हैं, जिनमें गाड़ी का रिकॉर्ड ही गायब करने यानी कबाड़ रिकॉर्ड में भेजने की सूचना दी जा रही है।
राजधानी में ऐसे वाहन मालिकों को मैसेज मिलने लगे हैं। इसमें सूचित किया जा रहा है बीमा और पीयूसी का लंबे समय तक नवीनीकरण नहीं कराने के कारण गाड़ी का रिकॉर्ड 10 सितंबर 2026 को पुराने यानी कबाड़ रिकॉर्ड में भेज दिया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि ऐसे वाहन को सड़क पर चलाना मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अपराध है।
मालिक को आगे की प्रक्रिया के लिए आरटीओ से संपर्क करने कहा गया है। ज्यादातर लोग ऐसे मैसेज को समझ नहीं पा रहे हैं। इसलिए अब परिवहन विभाग सूचना देने के साथ जागरूकता अभियान चलाएगा। अपर परिवहन आयुक्त डी रविशंकर ने बताया कि लोगों को जागरूक होना जरूरी है क्योंकि अब हर टोल में वाहनों की पूरी स्क्रीनिंग हो रही है।
छत्तीसगढ़ में एक साल में 6.68 लाख चालान, 103.91 करोड़ रुपए की वसूली बाकी
कुल चालान – 6,68,675
कुल जुर्माना -116.47 करोड़
लंबित चालान – 5,38,441
लंबित जुर्माना – 103.91 करोड़
निपटाए गए चालान – 63,839
वसूली गई राशि – 12.55 करोड़
अब हर बार टोल से गुजरने पर हो रही निगरानी
टोल नाकों पर लगे कैमरे गाड़ी का नंबर पढ़ते हैं। इसके आधार पर आरटीओ सिस्टम में उपलब्ध रिकॉर्ड से पता लगाया जा सकता है कि बीमा, पीयूसी, फिटनेस और रजिस्ट्रेशन की स्थिति क्या है। यानी गाड़ी हर बार टोल से गुजरती है तो उसके दस्तावेजों की कमी पकड़ में आ जाती है। एक बार चालान मोबाइल पर आने के बाद भी उसे नहीं भरना और गाड़ी के जरूरी कागज दुरुस्त नहीं कराना परेशानी बढ़ा सकता है।
आरटीओ से रिकॉर्ड गायब करने का मतलब…
गायब करने का मतलब है कि गाड़ी का रिकॉर्ड सामान्य सक्रिय रिकॉर्ड से हटाकर आर्काइव में डाल दिया गया है। ऐसी स्थिति में वाहन मालिक को रिकॉर्ड दोबारा सक्रिय कराने के लिए आरटीओ की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है। इसलिए चालान को अनदेखा करने के बजाय उसका भुगतान करें और बीमा, पीयूसी व फिटनेस समय पर अपडेट कराएं।
किस वाहन से किन नियमों का उल्लंघन
- हल्के वाहन: सुरक्षा व प्रदूषण मानक- 2,85,083
- बिना बीमा वाहन: 1,94,144
- दोपहिया: सुरक्षा व प्रदूषण मानक- 59,227
- हल्के ट्रांसपोर्ट वाहन: बिना फिटनेस- 51,316
- भारी वाहन: सुरक्षा व प्रदूषण मानक- 36,315
- दोपहिया ट्रांसपोर्ट: बिना फिटनेस- 19,176
- भारी ट्रांसपोर्ट: बिना फिटनेस- 16,816
- तीन पहिया: सुरक्षा व प्रदूषण मानक- 6,598