कब्ज अब सिर्फ बुजुर्गों की समस्या नहीं, बल्कि तेज़ रफ्तार लाइफस्टाइल, अनियमित खानपान, कम पानी और तनाव के कारण युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है। पेट साफ न होने पर गैस, सिरदर्द, पेट दर्द, सूजन और भारीपन जैसी दिक्कतें रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करती हैं। दवाइयां तात्कालिक राहत तो देती हैं, लेकिन अक्सर कब्ज फिर लौट आती है। ऐसे में घरेलू उपाय शरीर के लिए सुरक्षित भी हैं और लंबे समय तक असर भी दिखाते हैं।
सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीना इस समस्या से निपटने की सबसे आसान शुरुआत है। दो गिलास हल्के गर्म पानी से आंतें सक्रिय हो जाती हैं और मल नरम होकर आसानी से बाहर निकल जाता है। शरीर की डिटॉक्स प्रक्रिया भी तेज होती है, इसलिए सुबह के पानी को कब्ज के इलाज का पहला कदम माना गया है।
पुराने जमाने से इस्तेमाल होता आया देसी घी आज भी उतना ही प्रभावी है। रात में गर्म पानी के साथ एक चम्मच घी आंतों में चिकनाहट पैदा करता है और लंबे समय से बनी कब्ज में राहत देता है। यह तरीका बिल्कुल सुरक्षित है और पेट को नैचुरल तरीके से लुब्रिकेट करता है।
इसबगोल का सेवन कब्ज के लिए तुरंत असर देने वाले उपायों में गिना जाता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक फाइबर आंतों में जमाव को रोकता है और मल का आकार बढ़ाकर उसे आसानी से बाहर निकालने में मदद करता है। इसे गुनगुने पानी या दही के साथ लेने पर असर और बेहतर दिखता है।
हालाँकि सिर्फ नुस्खों से पूरा समाधान नहीं मिलता, जब तक लाइफस्टाइल भी दुरुस्त न की जाए। आहार में फाइबर बढ़ाकर—जैसे सलाद, दालें, हरी सब्जियां और फल—पेट को रोजाना साफ रखा जा सकता है। इसके साथ 20–25 मिनट की नियमित वॉक पाचन क्रिया को सक्रिय करती है और कब्ज को बार-बार लौटने से रोकती है।