भारतीय रसोई की परंपरा में कई ऐसे प्राकृतिक सुपरफूड शामिल रहे हैं, जिनकी ताकत समय के साथ और भी स्पष्ट होती गई है। सजहन की पत्तियां, जिन्हें सहजन या मोरिंगा लीव्स कहा जाता है, उन्हीं में से एक हैं। गांवों में लंबे समय से इस्तेमाल होती रहीं ये पत्तियां अब शहरों में भी तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं, क्योंकि लोग समझने लगे हैं कि स्वाद के साथ सेहत को मजबूत करने में इनकी भूमिका कितनी अहम है।
पोषक तत्वों से भरपूर मोरिंगा लीव्स में विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स का ऐसा संतुलन मिलता है, जो शरीर को भीतर से ताकत देता है। नियमित सेवन से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और मौसमी बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। विटामिन C और आयरन की अच्छी मौजूदगी शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करती है, जिससे बार-बार सर्दी-खांसी और वायरल का खतरा कम हो सकता है।
हड्डियों और मांसपेशियों के लिए भी सजहन की पत्तियां किसी वरदान से कम नहीं मानी जातीं। इनमें मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम हड्डियों को मजबूती देते हैं और उम्र के साथ होने वाली जोड़ों की परेशानियों को दूर रखने में सहायक होते हैं। यही कारण है कि इन्हें लंबे समय तक डाइट में शामिल करने से शरीर की संरचना मजबूत बनी रहती है।
डायबिटीज के मरीजों के लिए मोरिंगा लीव्स खास तौर पर लाभकारी मानी जाती हैं। इनके नियमित सेवन से ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद मिल सकती है। इनमें पाए जाने वाले सक्रिय तत्व इंसुलिन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाते हैं, जिससे शुगर कंट्रोल में रहने की संभावना बढ़ जाती है।
पाचन से जुड़ी समस्याओं में भी सजहन की पत्तियां राहत पहुंचाती हैं। फाइबर से भरपूर होने के कारण ये पाचन तंत्र को दुरुस्त रखती हैं और कब्ज, गैस व एसिडिटी जैसी आम परेशानियों को कम करने में मदद करती हैं। आंतों की सफाई में सहायक होने के कारण पेट हल्का और शरीर ऊर्जावान महसूस करता है।
दिल की सेहत के लिहाज से भी मोरिंगा लीव्स का सेवन फायदेमंद माना जाता है। इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर खराब कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मदद कर सकते हैं, जिससे हार्ट डिजीज और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा कम होने की संभावना रहती है। यही नहीं, त्वचा और बालों के लिए भी ये पत्तियां बेहद उपयोगी हैं। विटामिन A और E त्वचा को नैचुरल ग्लो देते हैं और बालों को मजबूत बनाते हैं, जिससे झुर्रियां और बालों का झड़ना कम हो सकता है।
सजहन की पत्तियों को डाइट में शामिल करना भी बेहद आसान है। इनकी सब्जी, सूप या पराठा बनाया जा सकता है, वहीं सूखा पाउडर बनाकर दाल, सब्जी या स्मूदी में मिलाकर भी सेवन किया जा सकता है। सही तरीके और संतुलन के साथ इन्हें अपनाकर सेहत को प्राकृतिक रूप से मजबूत किया जा सकता है।