सर्दियों का देसी सुपरफूड तिल-गुड़: हड्डियों को मजबूती, शरीर को गर्माहट और सेहत को कई स्तरों पर फायदा

Spread the love

ठंड के मौसम में शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा, अंदरूनी गर्माहट और पोषण की जरूरत होती है, और इसी जरूरत को सदियों से तिल-गुड़ पूरा करता आ रहा है। भारतीय रसोई में यह कॉम्बिनेशन केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि सेहत के लिहाज़ से भी खास माना गया है। तिल में मौजूद कैल्शियम, आयरन और हेल्दी फैट्स, जबकि गुड़ में भरपूर मिनरल्स और प्राकृतिक मिठास—दोनों मिलकर सर्दियों में शरीर को ठंड से बचाने का काम करते हैं। यही वजह है कि मकर संक्रांति से लेकर पूरे जाड़े के मौसम तक तिल-गुड़ के लड्डू और चिक्की खाने की परंपरा आज भी उतनी ही मजबूत है।

तिल की तासीर गर्म होती है और गुड़ शरीर में नेचुरल हीट पैदा करता है, इसलिए इसका नियमित सेवन सर्दी में शरीर को अंदर से गर्म रखता है। ठंड के कारण होने वाली जकड़न और सुस्ती को दूर करने में यह देसी सुपरफूड बेहद असरदार माना जाता है। खास बात यह है कि तिल कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत है, जो हड्डियों को मजबूती देता है और जोड़ों के दर्द में राहत पहुंचाता है। बुजुर्गों के लिए तिल-गुड़ का सेवन इसलिए भी फायदेमंद माना जाता है क्योंकि यह उम्र के साथ कमजोर होती हड्डियों को सहारा देता है।

गुड़ और तिल दोनों ही आयरन से भरपूर होते हैं, जिससे यह खून की कमी दूर करने में मदद करते हैं। सर्दियों में अक्सर एनीमिया की शिकायत बढ़ जाती है, ऐसे में तिल-गुड़ हीमोग्लोबिन के स्तर को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकता है। इसके साथ-साथ यह पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखता है। ठंड के मौसम में कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं, लेकिन गुड़-तिल खाने से पेट साफ रहता है और पाचन क्रिया सुचारू बनी रहती है।

इम्यूनिटी के लिहाज़ से भी तिल-गुड़ को किसी वरदान से कम नहीं माना जाता। गुड़ में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और तिल के पोषक तत्व मिलकर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं, जिससे सर्दी-खांसी और वायरल इंफेक्शन से बचाव में मदद मिलती है। कुल मिलाकर, सर्दियों में तिल-गुड़ का सेवन न सिर्फ परंपरा है, बल्कि एक ऐसा देसी नुस्खा है जो स्वाद के साथ-साथ सेहत को भी कई स्तरों पर मजबूत बनाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *