रसोई की शान और सेहत की पहचान मानी जाने वाली हल्दी आज मिलावट की वजह से चिंता का कारण बन गई है। बाजार में बिकने वाली हल्दी में रंग, स्टार्च या सस्ता पाउडर मिलाए जाने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। ऐसे में शुद्ध हल्दी पाने का सबसे भरोसेमंद तरीका है—घर पर कच्ची हल्दी से पाउडर तैयार करना।
विशेषज्ञों के अनुसार मिलावटी हल्दी में मेटानिल येलो जैसे कृत्रिम रंग या चॉक पाउडर मिलाया जा सकता है, जो सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए ऐसे मसाले जोखिम बढ़ा सकते हैं। इसलिए बेहतर है कि हल्दी की शुद्धता खुद सुनिश्चित की जाए।
कच्ची हल्दी से पाउडर बनाने का आसान तरीका
सबसे पहले बाजार से ताजी, सख्त और बिना दाग-धब्बों वाली कच्ची हल्दी लें। संभव हो तो ऑर्गेनिक हल्दी चुनें। घर लाने के बाद इसे बहते पानी में अच्छी तरह धो लें, ताकि मिट्टी पूरी तरह निकल जाए। जरूरत पड़े तो हल्के ब्रश से रगड़कर साफ करें।
कई लोग हल्दी को 30-45 मिनट तक हल्का उबालते हैं। यह प्रक्रिया वैकल्पिक है, लेकिन इससे कच्चापन कम होता है और रंग व स्वाद बेहतर हो सकता है। उबालने के बाद हल्दी को ठंडा कर लें और पतले टुकड़ों में काट लें।
अब इन स्लाइस को 10-15 दिन तक तेज धूप में अच्छी तरह सुखाएं। ध्यान रखें कि हल्दी पूरी तरह सूख जाए और उसमें नमी बिल्कुल न रहे। नमी रहने पर पाउडर खराब हो सकता है।
सूखने के बाद मिक्सर-ग्राइंडर या मसाला चक्की में इसे बारीक पीस लें। फिर छलनी से छानकर एयरटाइट डिब्बे में भर लें। इस तरह आपको घर का शुद्ध, सुगंधित और गुणों से भरपूर हल्दी पाउडर मिल जाएगा।
घर की हल्दी क्यों बेहतर?
घर पर तैयार हल्दी में मिलावट की आशंका नहीं रहती। इसमें प्राकृतिक खुशबू और करक्यूमिन की मात्रा बेहतर बनी रहती है। यह इम्युनिटी मजबूत करने, सूजन कम करने और घाव भरने में सहायक मानी जाती है।
स्टोरेज के दौरान रखें ध्यान
हल्दी पाउडर को सूखी और ठंडी जगह पर रखें। गीले चम्मच का इस्तेमाल न करें और डिब्बा हमेशा अच्छी तरह बंद रखें। सही तरीके से स्टोर की गई हल्दी 6-8 महीने तक सुरक्षित रह सकती है।