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सिर्फ इंसानों नहीं, पेट्स को भी लग सकती है लू! गर्मियों में ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी

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देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी अब सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं बल्कि पालतू जानवरों के लिए भी बड़ा खतरा बनती जा रही है। कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और ऐसे मौसम में डॉग्स और कैट्स जैसे पेट्स में हीट स्ट्रेस और हीट स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर समय रहते सावधानी न बरती जाए तो स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।

पेट्स का शरीर इंसानों की तरह पसीने के जरिए खुद को ठंडा नहीं कर पाता। उनके शरीर में स्वेट ग्लैंड बहुत कम होते हैं और वे मुख्य रूप से हांफकर शरीर की गर्मी बाहर निकालते हैं। ऊपर से शरीर पर मौजूद फर गर्मी को अंदर रोक लेते हैं, जिससे वे जल्दी ओवरहीट हो जाते हैं। यही वजह है कि गर्मियों में उन्हें एक्स्ट्रा केयर की जरूरत होती है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक सबसे जरूरी है कि पेट्स को हमेशा ठंडा और साफ पानी मिलता रहे। गर्मियों में पानी की कटोरी दिन में कई बार बदलनी चाहिए ताकि पानी ताजा और ठंडा रहे। हालांकि सीधे फ्रिज का बेहद ठंडा पानी देना सही नहीं माना जाता क्योंकि इससे पेट और गले पर असर पड़ सकता है।

तेज धूप के समय यानी सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक पेट्स को बाहर ले जाने से बचना चाहिए। इस दौरान सड़कें और फर्श इतने गर्म हो जाते हैं कि उनके पंजे तक जल सकते हैं। डॉग्स को टहलाने का सबसे सुरक्षित समय सुबह जल्दी और शाम को सूरज ढलने के बाद माना जाता है।

गर्मी में पेट्स की डाइट पर भी खास ध्यान देने की जरूरत होती है। बासी खाना बिल्कुल नहीं देना चाहिए। हल्का, फ्रेश और पानी से भरपूर फूड ज्यादा बेहतर माना जाता है। कुछ फल जैसे तरबूज, खीरा और सेब सीमित मात्रा में दिए जा सकते हैं, लेकिन चॉकलेट, प्याज, अंगूर और बहुत मसालेदार चीजें जानवरों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं।

कई लोग गर्मी से राहत देने के लिए बार-बार पेट्स को नहलाते हैं, लेकिन डॉक्टर इसे गलत मानते हैं। ज्यादा नहलाने से उनकी स्किन के नेचुरल ऑयल खत्म हो जाते हैं और स्किन ड्राई होकर एलर्जी या इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसके बजाय ठंडी जगह, कूलिंग मैट, गीला तौलिया और अच्छी वेंटिलेशन ज्यादा सुरक्षित विकल्प माने जाते हैं।

एक सबसे बड़ी गलती जो अक्सर लोग करते हैं, वह है पेट्स को बंद कार में छोड़ देना। गर्मी में कार का तापमान कुछ ही मिनटों में बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है और इससे जानवर की जान भी जा सकती है।

डॉक्टरों के अनुसार अगर पेट बहुत ज्यादा हांफ रहा हो, उसकी जीभ लगातार बाहर हो, लार टपक रही हो, कमजोरी या उल्टी जैसे लक्षण दिखाई दें तो यह हीट स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत उसे ठंडी जगह पर ले जाना चाहिए, शरीर को धीरे-धीरे ठंडा करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर तुरंत वेटरनरी डॉक्टर के पास पहुंचना चाहिए।

एक्सपर्ट्स यह भी कहते हैं कि पेट्स के बाल पूरी तरह शेव कर देना सही नहीं है। फर सिर्फ गर्मी नहीं बढ़ाते, बल्कि शरीर को बाहरी हीट से भी बचाते हैं। खासकर डबल कोटेड ब्रीड्स जैसे हस्की और जर्मन शेफर्ड में पूरी शेविंग नुकसानदायक हो सकती है।

गर्मियों में पेट्स की रोजाना निगरानी भी बेहद जरूरी है। उनका खाना-पीना, सुस्ती, आंखों और कानों की स्थिति, स्किन और व्यवहार में बदलाव जैसे संकेत उनकी सेहत के बारे में बहुत कुछ बताते हैं। थोड़ी सी लापरवाही गर्मी में बड़ी परेशानी में बदल सकती है।

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