बारिश का मौसम अपने साथ राहत तो लाता है, लेकिन पैरों की सेहत के लिए कई चुनौतियां भी लेकर आता है। अक्सर लोग मानते हैं कि एड़ियां केवल सर्दियों में फटती हैं, जबकि विशेषज्ञों के अनुसार मानसून में लगातार नमी, गंदा पानी, गीले जूते-चप्पल और पैरों की सही देखभाल न करने से भी एड़ियां फट सकती हैं। समय रहते ध्यान न देने पर इनमें संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।
मानसून में एड़ियां क्यों फटती हैं?
बार-बार पैर गीले होना और फिर सूखना त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत को कमजोर कर देता है। इसके कारण त्वचा अपनी नमी खोने लगती है और एड़ियों की मोटी त्वचा सख्त होकर फटने लगती है।
इसके अलावा ये कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं—
- लंबे समय तक गीले जूते या चप्पल पहनना
- गंदे पानी और कीचड़ में चलना
- घर आने के बाद पैरों की सफाई न करना
- पैरों को ठीक से सुखाए बिना मोजे पहन लेना
- बार-बार भीगने और सूखने का चक्र
किन लोगों को ज्यादा खतरा रहता है?
कुछ लोगों में फटी एड़ियों की समस्या अधिक देखने को मिलती है, जैसे—
- डायबिटीज के मरीज
- बुजुर्ग
- ड्राई स्किन वाले लोग
- लंबे समय तक खड़े रहकर काम करने वाले
- एक्जिमा या सोरायसिस जैसी त्वचा संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोग
फटी एड़ियों से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय
- बारिश में भीगने के बाद पैरों को साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखाएं।
- रोजाना फुट क्रीम या मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें।
- साफ और सूखे मोजे पहनें तथा भीगने पर तुरंत बदलें।
- गीले जूते दोबारा पहनने से बचें।
- आरामदायक और पानी से सुरक्षित फुटवियर का उपयोग करें।
- नाखूनों को साफ और छोटा रखें।
- फटी त्वचा को खींचकर या ब्लेड से हटाने की कोशिश न करें।
कौन-सा मॉइस्चराइजर बेहतर माना जाता है?
विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी फुट क्रीम अधिक प्रभावी होती है जिनमें—
- यूरिया (Urea)
- ग्लिसरीन
- लैक्टिक एसिड
- पेट्रोलियम जेली
- सैलिसिलिक एसिड (डॉक्टर की सलाह से)
जैसे तत्व मौजूद हों। ये त्वचा को मुलायम रखने और मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद करते हैं।
क्या घरेलू उपाय फायदेमंद हैं?
हल्की ड्राई स्किन होने पर कुछ घरेलू उपाय राहत दे सकते हैं, जैसे—
- नारियल तेल
- एलोवेरा जेल
- ग्लिसरीन
- पेट्रोलियम जेली
हालांकि, यदि एड़ियों में गहरी दरार, खून, पस या संक्रमण हो तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें और डॉक्टर से सलाह लें।
इन चीजों का इस्तेमाल करने से बचें
फटी एड़ियों पर बिना सलाह के ये चीजें लगाने से नुकसान हो सकता है—
- नींबू
- बेकिंग सोडा
- टूथपेस्ट
- गर्म मोम (वैक्स)
- ब्लेड से मृत त्वचा काटना
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि एड़ियों में—
- तेज दर्द हो,
- खून या पस निकल रहा हो,
- सूजन या लालपन बढ़ जाए,
- बदबू या फंगल संक्रमण के लक्षण दिखाई दें,
- या कई दिनों तक सुधार न हो,
तो तुरंत त्वचा रोग विशेषज्ञ या ईएनटी/फुट केयर विशेषज्ञ से संपर्क करें।
डायबिटीज के मरीज रखें विशेष सावधानी
डायबिटीज से पीड़ित लोगों में छोटी दरार भी गंभीर संक्रमण का कारण बन सकती है। इसलिए उन्हें रोज पैरों की जांच करनी चाहिए, नंगे पैर नहीं चलना चाहिए और किसी भी घाव या कट को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
स्वस्थ पैरों के लिए खानपान भी जरूरी
त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने के लिए पर्याप्त पानी पिएं और संतुलित आहार लें। भोजन में प्रोटीन, हरी सब्जियां, मौसमी फल, विटामिन A, C और E से भरपूर खाद्य पदार्थ तथा सीमित मात्रा में ओमेगा-3 युक्त चीजें शामिल करें।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या उपचार के लिए डॉक्टर या त्वचा विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।