High Protein Diet: फिटनेस और मसल्स बनाने के लिए इन दिनों कई लोग अपनी डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ा रहे हैं। अंडे, पनीर, दाल, बीन्स और प्रोटीन सप्लीमेंट इसके लोकप्रिय स्रोत हैं। लेकिन कुछ लोगों को हाई प्रोटीन डाइट शुरू करने के बाद पेट फूलना, गैस, भारीपन या पाचन संबंधी परेशानी महसूस होने लगती है।
ऐसे में हर बार प्रोटीन को ही इसका कारण मानना सही नहीं है। कई बार प्रोटीन बढ़ाते समय डाइट का बाकी संतुलन बिगड़ जाता है या कोई खास खाद्य पदार्थ व्यक्ति के पाचन तंत्र को सूट नहीं करता।
1. प्रोटीन बढ़ाया, लेकिन फाइबर कम कर दिया
हाई प्रोटीन डाइट अपनाते समय कुछ लोग फल, सब्जियां और साबुत अनाज की मात्रा कम कर देते हैं। इससे खाने में फाइबर कम हो सकता है और कब्ज, पेट फूलना या मल त्याग में परेशानी जैसी समस्या हो सकती है।
क्या करें: प्रोटीन के साथ अपनी डाइट में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और अन्य फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को भी शामिल रखें।
2. अचानक बढ़ा दी प्रोटीन की मात्रा
अगर पहले आपकी डाइट में प्रोटीन की मात्रा कम थी और आपने अचानक इसे काफी ज्यादा बढ़ा दिया, तो पाचन तंत्र को इस बदलाव के साथ एडजस्ट होने में समय लग सकता है।
ऐसे में कुछ लोगों को पेट में गुड़गुड़ाहट, गैस, ब्लोटिंग या भारीपन महसूस हो सकता है।
क्या करें: डाइट में बदलाव धीरे-धीरे करें और अपनी जरूरत के मुताबिक प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं।
3. पर्याप्त पानी नहीं पी रहे
हाई प्रोटीन डाइट लेते समय हाइड्रेशन पर भी ध्यान देना जरूरी है। खासकर अगर इसके साथ फाइबर का सेवन भी बढ़ा दिया गया है, तो पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना महत्वपूर्ण हो जाता है।
पानी कम पीने से कब्ज जैसी समस्या बढ़ सकती है, जिससे पेट फूलने और असहजता की शिकायत हो सकती है।
क्या करें: दिनभर नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें और अपने शरीर की जरूरत के अनुसार हाइड्रेशन बनाए रखें।
4. प्रोटीन पाउडर से हो सकती है ब्लोटिंग
कुछ लोगों को प्रोटीन शेक पीने के बाद ही गैस या पेट फूलने की शिकायत होती है। ऐसे मामलों में परेशानी हमेशा प्रोटीन से ही जुड़ी हो, यह जरूरी नहीं है।
प्रोटीन पाउडर में मौजूद कुछ अन्य सामग्री, जैसे लैक्टोज या कुछ आर्टिफिशियल स्वीटनर्स, संवेदनशील लोगों में पाचन संबंधी परेशानी पैदा कर सकते हैं।
क्या करें: प्रोटीन सप्लीमेंट खरीदते समय उसका लेबल ध्यान से पढ़ें। अगर किसी खास उत्पाद को लेने के बाद बार-बार समस्या होती है, तो उसे जारी रखने से पहले डॉक्टर या योग्य आहार विशेषज्ञ से सलाह लें।
5. दाल और बीन्स से भी बढ़ सकती है गैस
दाल, बीन्स और कुछ अन्य प्लांट-बेस्ड प्रोटीन में फाइबर और ऐसे कार्बोहाइड्रेट होते हैं जिन्हें आंतों के बैक्टीरिया तोड़ते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान कुछ लोगों में गैस ज्यादा बन सकती है।
इसका मतलब यह नहीं कि दाल या बीन्स को डाइट से पूरी तरह हटा देना चाहिए।
क्या करें: इन खाद्य पदार्थों की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाएं और ध्यान दें कि इनमें से कौन-सा भोजन आपको ज्यादा परेशान करता है।
पेट को आराम देने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स
हाई प्रोटीन डाइट लेते समय कुछ छोटी आदतें पाचन को बेहतर रखने में मदद कर सकती हैं:
- डाइट में अचानक बहुत बड़ा बदलाव न करें।
- प्रोटीन के साथ फल और सब्जियां भी खाते रहें।
- साबुत अनाज और अन्य फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें।
- पर्याप्त पानी और अन्य जरूरी तरल लेते रहें।
- भोजन को जल्दी-जल्दी खाने के बजाय अच्छी तरह चबाएं।
- जिस खाद्य पदार्थ के बाद बार-बार गैस या ब्लोटिंग हो, उसकी मात्रा पर ध्यान दें।
प्रोटीन जरूरी है, लेकिन डाइट का बैलेंस भी रखें
प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है, लेकिन सिर्फ प्रोटीन की मात्रा बढ़ाना ही संतुलित डाइट का मतलब नहीं है। कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, स्वस्थ वसा, विटामिन और मिनरल्स का उचित संतुलन भी महत्वपूर्ण है।
अगर हाई प्रोटीन डाइट शुरू करने के बाद लगातार गैस, पेट फूलना, दर्द या अन्य पाचन संबंधी समस्या बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। समस्या का कारण समझने के लिए डॉक्टर या योग्य आहार विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहेगा।
Disclaimer: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जानकारी के लिए है। हर व्यक्ति की पोषण संबंधी जरूरत और पाचन क्षमता अलग हो सकती है। किसी भी डाइट में बड़ा बदलाव करने या लगातार पाचन संबंधी परेशानी होने पर डॉक्टर या योग्य आहार विशेषज्ञ की सलाह लें।