प्रकृति ने सेहत के लिए जो अनमोल तोहफे दिए हैं, उनमें पिस्ता भी शामिल है। स्वाद में हल्का मीठा और रंग में हरा यह ड्राई फ्रूट सिर्फ खाने का शौक नहीं, बल्कि पोषण का पूरा पैकेज माना जाता है। रिसर्च भी यही कहती है कि सीमित मात्रा में रोज पिस्ता खाने से सेहत को कई स्तरों पर फायदा मिलता है। National Library of Medicine में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार नियमित रूप से पिस्ता खाने से बैड कोलेस्ट्रॉल यानी LDL घटता है, जिससे दिल की सेहत बेहतर रहती है। वहीं Journal of the American College of Nutrition में छपी स्टडी बताती है कि संतुलित मात्रा में पिस्ता वजन घटाने में भी मदद कर सकता है।
पिस्ता की खास बात इसकी न्यूट्रिशनल प्रोफाइल है। United States Department of Agriculture के अनुसार पिस्ता प्रोटीन, हेल्दी फैट और फाइबर का बेहतरीन स्रोत है। औसतन 25–30 ग्राम पिस्ता रोज खाने से करीब 5–6 ग्राम प्रोटीन और लगभग 150 कैलोरी मिलती हैं, जो लंबे समय तक ऊर्जा देती हैं। इसमें कॉपर, मैग्नीशियम, पोटैशियम, विटामिन B6, विटामिन E और एंटीऑक्सिडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। खासतौर पर कॉपर की मात्रा इतनी अधिक होती है कि 25 ग्राम पिस्ता से ही रोज की आधी से ज्यादा जरूरत पूरी हो जाती है।
सेहत के लिहाज से पिस्ता कई तरह से काम करता है। यह इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है, क्योंकि इसमें विटामिन B6, जिंक और एंटीऑक्सिडेंट्स मौजूद होते हैं। इसके पॉलीफेनॉल्स और फ्लेवोनोइड्स सूजन कम करने में मदद करते हैं। फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट पेट को देर तक भरा रखते हैं, जिससे ओवरईटिंग कम होती है और वजन कंट्रोल में रहता है। पिस्ता में मौजूद ल्यूटिन और जेक्सैंथिन आंखों की रोशनी के लिए फायदेमंद माने जाते हैं, जबकि हेल्दी फैट LDL को घटाकर HDL बढ़ाने में मदद करता है, जिससे हार्ट हेल्दी रहता है। ब्रेन हेल्थ के लिए भी पिस्ता अच्छा माना जाता है, क्योंकि इसके न्यूट्रिएंट्स कॉग्निटिव फंक्शन को सपोर्ट करते हैं। पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने, कब्ज से बचाने, स्किन को ग्लो देने और बालों को मजबूत बनाने में भी इसका योगदान बताया जाता है। इसका लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने नहीं देता, इसलिए डायबिटीज में भी यह सीमित मात्रा में फायदेमंद माना जाता है।
पिस्ता खाने का सही तरीका भी उतना ही जरूरी है। लखनऊ स्थित Dr. Ram Manohar Lohia Institute of Medical Sciences की सीनियर डाइटीशियन डॉ. पूनम तिवारी के अनुसार पिस्ता कच्चा, हल्का भुना हुआ या भिगोकर खाना बेहतर होता है। भीगा पिस्ता पचाने में आसान होता है और पेट पर बोझ नहीं डालता। इसे दूध में मिलाकर, खीर या शेक में, सलाद या दलिया में शामिल किया जा सकता है। सुबह के समय पिस्ता खाना सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि यह दिन की शुरुआत में ऊर्जा देता है। शाम को हेल्दी स्नैक के तौर पर भी इसे खाया जा सकता है, लेकिन रात में नमकीन पिस्ता या शराब के साथ इसका सेवन एसिडिटी बढ़ा सकता है।
हालांकि पिस्ता जितना फायदेमंद है, उतना ही जरूरी है इसका सीमित सेवन। ज्यादा पिस्ता खाने से वजन बढ़ सकता है, गैस या अपच हो सकता है और सॉल्टेड पिस्ता ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है। जिन लोगों को नट्स से एलर्जी है, जिन्हें अक्सर गैस या एसिडिटी की शिकायत रहती है या जिन्हें किडनी स्टोन की समस्या है, उन्हें पिस्ता खाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए रोज 20–30 ग्राम यानी एक छोटी मुट्ठी पिस्ता पर्याप्त मानी जाती है। गर्भवती महिलाएं और बच्चे भी पिस्ता खा सकते हैं, लेकिन डॉक्टर की सलाह के साथ और सीमित मात्रा में।