Cold Hands and Feet: सर्दी में क्यों ठंडे रहते हैं हाथ-पैर और कैसे बनाए रखें शरीर की गर्माहट

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सर्दियों का मौसम शुरू होते ही बहुत से लोगों को एक आम लेकिन परेशान करने वाली दिक्कत घेर लेती है—हाथ और पैर हर समय ठंडे रहना। कई बार मोटे स्वेटर, जैकेट और मोज़े पहनने के बाद भी उंगलियों और पंजों में बर्फ जैसी ठंड महसूस होती रहती है। यह सिर्फ मौसम का असर नहीं होता, बल्कि अक्सर शरीर के अंदरूनी संतुलन, ब्लड सर्कुलेशन और जीवनशैली से भी जुड़ा संकेत होता है।

आमतौर पर खराब रक्त प्रवाह, पोषण की कमी, लो ब्लड प्रेशर, लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहना या फिर बहुत ज्यादा तनाव इस समस्या को बढ़ा देता है। अच्छी बात यह है कि थोड़े से ध्यान और रोज़मर्रा की आदतों में छोटे बदलाव करके सर्दियों में भी हाथ-पैरों की गर्माहट को काफी हद तक बनाए रखा जा सकता है।

शरीर को गर्म रखने की शुरुआत हल्की लेकिन नियमित शारीरिक गतिविधि से होती है। सर्दी के कारण सुस्ती बढ़ जाती है और लोग चलना-फिरना कम कर देते हैं, जिससे ब्लड सर्कुलेशन धीमा पड़ जाता है। रोज़ाना थोड़ी देर की वॉक, स्ट्रेचिंग या योग करने से रक्त प्रवाह बेहतर होता है और शरीर के आखिरी हिस्सों तक भी गर्म रक्त पहुंचने लगता है। यही वजह है कि एक्सरसाइज करने वाले लोगों को हाथ-पैरों में ठंड कम महसूस होती है।

तेल से मालिश सर्दियों में बेहद असरदार उपाय मानी जाती है। सरसों या तिल के तेल को हल्का गुनगुना करके हथेलियों और पैरों की अच्छी तरह मालिश करने से नसों में रक्त का प्रवाह बढ़ता है और तुरंत गर्माहट का एहसास होता है। खासतौर पर रात में सोने से पहले की गई मालिश शरीर को रिलैक्स करती है और ठंड से राहत देती है।

खान-पान भी शरीर की गर्मी बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाता है। सर्दियों में ऐसी चीजें खाना फायदेमंद होता है जिनकी तासीर गर्म मानी जाती है। अदरक, लहसुन, काली मिर्च, दालचीनी और गुड़ जैसी चीजें शरीर को अंदर से गर्म रखती हैं। साथ ही ठंडे पानी की बजाय गुनगुना पानी पीने की आदत भी हाथ-पैरों की ठंड कम करने में मदद करती है।

कपड़े पहनने का तरीका भी उतना ही जरूरी है जितना उनकी मोटाई। सिर्फ भारी कपड़े पहन लेना काफी नहीं होता, बल्कि सही लेयरिंग जरूरी होती है। सूती इनर के ऊपर ऊनी कपड़े पहनने से शरीर की गर्मी बेहतर तरीके से बनी रहती है। पैरों के लिए मोटे मोज़े पहनना और सोते समय भी पैर ढककर रखना ठंड को रोकने में मदद करता है।

तनाव और धूम्रपान इस समस्या को और बढ़ा सकते हैं। ज्यादा तनाव और स्मोकिंग से ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं, जिससे हाथ-पैरों तक खून सही मात्रा में नहीं पहुंच पाता और ठंड ज्यादा महसूस होती है। मेडिटेशन, गहरी सांसों के अभ्यास और धूम्रपान से दूरी बनाकर शरीर के तापमान को संतुलित रखा जा सकता है।

इसके अलावा दिन में एक बार गुनगुने पानी में हाथ-पैर डुबोकर रखने से भी काफी राहत मिलती है। यह न सिर्फ ठंड कम करता है, बल्कि थकान दूर कर नसों को आराम भी देता है। चाहें तो पानी में थोड़ा नमक मिलाकर इसका असर और बढ़ाया जा सकता है।

कुल मिलाकर, सर्दियों में हाथ-पैरों का ठंडा रहना एक आम समस्या है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना सही नहीं। सही खान-पान, सक्रिय जीवनशैली और कुछ घरेलू उपाय अपनाकर आप सर्द मौसम में भी अपने शरीर की गर्माहट को बनाए रख सकते हैं।

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