भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान और घंटों बैठकर काम करने की आदत ने पाइल्स यानी बवासीर की समस्या को तेजी से बढ़ा दिया है। दर्द, जलन, खुजली और कभी-कभी खून आना जैसी परेशानियां न सिर्फ शारीरिक तकलीफ देती हैं, बल्कि मानसिक तनाव भी बढ़ाती हैं। यह समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है और अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो धीरे-धीरे तकलीफ गंभीर रूप ले सकती है।
हालांकि पाइल्स के लिए मेडिकल ट्रीटमेंट उपलब्ध है, लेकिन शुरुआती दौर में कुछ घरेलू उपाय और जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव काफी हद तक राहत दे सकते हैं। सबसे अहम बात यह है कि कब्ज को काबू में रखा जाए, क्योंकि पाइल्स की जड़ अक्सर यहीं से शुरू होती है। फाइबर से भरपूर भोजन जैसे हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और चोकर वाला आटा मल को नरम बनाते हैं, जिससे मल त्याग के समय दबाव कम पड़ता है और दर्द में कमी महसूस होती है।
दिन की शुरुआत अगर गुनगुने पानी से की जाए तो पाचन तंत्र को बड़ी मदद मिलती है। सुबह खाली पेट एक-दो गिलास गुनगुना पानी पीने से आंतें सक्रिय होती हैं और कब्ज की समस्या धीरे-धीरे कम होने लगती है। दिनभर पर्याप्त पानी पीना भी उतना ही जरूरी है, ताकि शरीर में नमी बनी रहे और मल सख्त न हो।
आयुर्वेद में त्रिफला चूर्ण को पाचन सुधारने का कारगर उपाय माना जाता है। सीमित मात्रा में इसका नियमित सेवन कब्ज से राहत दिला सकता है, जिससे पाइल्स के लक्षणों में भी कमी आने की संभावना रहती है। इसी तरह एलोवेरा का उपयोग भी कई लोगों के लिए फायदेमंद साबित होता है। एलोवेरा जेल को प्रभावित हिस्से पर लगाने से जलन और खुजली में आराम मिल सकता है, जबकि एलोवेरा जूस पाचन को बेहतर रखने में मदद करता है।
पाइल्स के दर्द और सूजन से तुरंत राहत के लिए सिट्ज बाथ एक पुराना और भरोसेमंद तरीका माना जाता है। गुनगुने पानी में कुछ मिनट बैठने से उस हिस्से की मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं और जलन-दर्द में आराम मिलता है। इसके साथ-साथ रोजमर्रा की आदतों पर भी ध्यान देना जरूरी है। लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहना, टॉयलेट जाने की इच्छा को रोकना या ज्यादा जोर लगाकर मल त्याग करना पाइल्स को और बिगाड़ सकता है। हल्की एक्सरसाइज, नियमित टहलना और एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाना इस समस्या को बढ़ने से रोक सकता है।
हालांकि यह भी जरूरी है कि अगर घरेलू उपायों के बावजूद दर्द, सूजन या खून आने की समस्या बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज न किया जाए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना ही सबसे सुरक्षित रास्ता होता है। पाइल्स में सही समय पर इलाज और सही आदतें अपनाकर बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है।