दूध सेहत का दोस्त या दुश्मन? इन 5 हेल्थ कंडीशन में बन सकता है बड़ी परेशानी की वजह

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दूध को सदियों से सेहत का संपूर्ण आहार माना जाता रहा है। बचपन से ही यह धारणा हमारे मन में बैठा दी जाती है कि रोज दूध पीने से शरीर मजबूत बनता है, हड्डियां ताकतवर होती हैं और इम्युनिटी बेहतर रहती है। लेकिन बदलती जीवनशैली और अलग-अलग शारीरिक स्थितियों के बीच यह सच्चाई भी सामने आ रही है कि दूध हर किसी के लिए एक-सा फायदेमंद नहीं होता। कुछ खास हेल्थ कंडीशन में दूध फायदे की जगह शरीर के लिए भारी पड़ सकता है और धीरे-धीरे कई समस्याओं को जन्म दे सकता है।

असल में दूध का असर व्यक्ति की पाचन क्षमता, एलर्जी प्रवृत्ति और मौजूदा बीमारियों पर निर्भर करता है। जिन लोगों का पाचन तंत्र कमजोर होता है या शरीर कुछ तत्वों को सही ढंग से नहीं पचा पाता, उनके लिए दूध परेशानी का कारण बन सकता है। कई बार लोग रोजाना दूध पीते रहते हैं, लेकिन उन्हें यह अहसास ही नहीं होता कि पेट दर्द, गैस, सूजन या स्किन की दिक्कतों के पीछे दूध भी एक वजह हो सकता है।

लैक्टोज इनटॉलरेंस से जूझ रहे लोगों के लिए दूध सबसे बड़ी समस्या बन सकता है। ऐसे लोगों का शरीर दूध में मौजूद लैक्टोज को पचाने में सक्षम नहीं होता। नतीजा यह होता है कि दूध पीते ही पेट दर्द, गैस, दस्त और पेट फूलने जैसी शिकायतें शुरू हो जाती हैं। लंबे समय तक ऐसी स्थिति में दूध का सेवन पाचन तंत्र को और कमजोर कर सकता है।

इसी तरह जिन लोगों को बार-बार एसिडिटी, गैस या अपच की समस्या रहती है, उनके लिए दूध राहत नहीं बल्कि परेशानी बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। खासकर रात के समय दूध पीने से पेट भारी लगता है, एसिड रिफ्लक्स बढ़ सकता है और नींद तक प्रभावित हो जाती है। कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह आदत पेट से जुड़ी पुरानी समस्या का रूप ले सकती है।

स्किन से जुड़ी दिक्कतों में भी दूध का रोल नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कुछ रिसर्च यह संकेत देती हैं कि दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स हार्मोनल बदलावों के जरिए मुंहासे, खुजली और स्किन एलर्जी को बढ़ा सकते हैं। जिन लोगों को बार-बार एक्ने या एलर्जी की शिकायत रहती है, उनके लिए दूध का नियमित सेवन त्वचा की परेशानी को और गंभीर बना सकता है।

वजन बढ़ने या मोटापे की समस्या से परेशान लोगों के लिए भी दूध सोच-समझकर पीना जरूरी है। खासतौर पर फुल क्रीम दूध में फैट और कैलोरी की मात्रा ज्यादा होती है। अगर डाइट और फिजिकल एक्टिविटी का संतुलन न हो, तो ज्यादा दूध पीना वजन बढ़ने की रफ्तार को और तेज कर सकता है, जिससे मेटाबॉलिज्म पर भी नकारात्मक असर पड़ता है।

किडनी स्टोन की समस्या वाले लोगों को भी दूध को लेकर सतर्क रहने की जरूरत होती है। दूध में मौजूद कैल्शियम कुछ मामलों में स्टोन की समस्या को बढ़ा सकता है, खासकर तब जब पानी का सेवन कम हो। ऐसे में बिना सलाह के ज्यादा दूध पीना नुकसानदेह साबित हो सकता है।

अगर इन स्थितियों में से कोई भी समस्या आपको है, तो दूध को पूरी तरह छोड़ने से पहले अपने शरीर के संकेतों को समझना जरूरी है। कई मामलों में दूध की जगह दही, छाछ या प्लांट-बेस्ड मिल्क बेहतर विकल्प बन सकते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि किसी भी बड़े बदलाव से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह जरूर ली जाए।

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