Almond खाने को लेकर एक नई रिसर्च ने बेहद चौंकाने वाला और राहत देने वाला दावा किया है। रिसर्च के मुताबिक अगर प्रीडायबिटीज से जूझ रहे लोग रोजाना अपनी डाइट में बादाम शामिल करें, तो न सिर्फ उनका ब्लड शुगर कंट्रोल हो सकता है, बल्कि उनकी याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता भी बेहतर हो सकती है।
यह अध्ययन The Journal of Nutrition में प्रकाशित हुआ है। रिसर्च में बताया गया है कि नियमित रूप से बादाम खाने से शरीर के मेटाबॉलिक स्वास्थ्य और दिमागी कार्यक्षमता दोनों पर सकारात्मक असर पड़ता है।
दुनियाभर में इस समय करोड़ों लोग प्रीडायबिटीज की समस्या से जूझ रहे हैं। यह ऐसी स्थिति होती है जिसमें ब्लड शुगर सामान्य से ज्यादा होता है, लेकिन अभी उसे टाइप-2 डायबिटीज की श्रेणी में नहीं रखा जाता। डॉक्टरों के मुताबिक अगर इस स्टेज पर खानपान और लाइफस्टाइल में बदलाव किया जाए तो डायबिटीज के खतरे को काफी हद तक रोका जा सकता है।
इस रिसर्च के तहत नई दिल्ली में 40 से 60 साल के 60 लोगों पर करीब 24 हफ्तों तक अध्ययन किया गया। सभी प्रतिभागी प्रीडायबिटीज से प्रभावित थे। इनमें से एक समूह को सामान्य संतुलित भोजन दिया गया, जबकि दूसरे समूह की डाइट में रोजाना लगभग 32 से 42 ग्राम यानी एक मुट्ठी बादाम शामिल किए गए।
छह महीने तक चले इस अध्ययन के बाद वैज्ञानिकों ने पाया कि रोज बादाम खाने वाले लोगों की निर्णय लेने की क्षमता और जानकारी को तेजी से समझने की क्षमता में बड़ा सुधार हुआ। इसके अलावा उनका ब्लड शुगर लेवल भी पहले की तुलना में काफी बेहतर पाया गया।
रिसर्च में यह भी सामने आया कि बादाम खाने वाले लोगों का फास्टिंग शुगर लेवल, खाना खाने के बाद का शुगर लेवल और HbA1c स्तर कम हुआ। HbA1c टेस्ट पिछले तीन महीनों के औसत ब्लड शुगर को दर्शाता है और इसे डायबिटीज कंट्रोल का सबसे अहम संकेतक माना जाता है।
इतना ही नहीं, नियमित बादाम खाने से वजन, बॉडी फैट और BMI में भी कमी देखी गई। इसके साथ शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल यानी LDL का स्तर घटा और शरीर में सूजन तथा ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से जुड़े संकेतकों में भी सुधार दर्ज किया गया।
वैज्ञानिकों का कहना है कि भारतीयों और एशियाई लोगों में मेटाबॉलिक बीमारियों और उम्र के साथ दिमागी कमजोरी का खतरा ज्यादा होता है। ऐसे में यह रिसर्च खास तौर पर भारतीयों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार रोजाना एक मुट्ठी बादाम खाना दिल, दिमाग और ब्लड शुगर तीनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि डॉक्टर यह भी सलाह देते हैं कि किसी भी डाइट बदलाव से पहले व्यक्ति को अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए।