गर्मी का मौसम अपने साथ सिर्फ तेज धूप और बढ़ते तापमान की चुनौती ही नहीं लाता, बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा भी बढ़ा देता है। इन्हीं समस्याओं में से एक है मांसपेशियों में ऐंठन या मसल क्रैम्प्स। अचानक पैरों, हाथों या शरीर के किसी भी हिस्से में होने वाला तेज दर्द और अकड़न कई बार व्यक्ति की दिनचर्या को प्रभावित कर देता है। यह समस्या अक्सर रात में सोते समय, लंबे समय तक चलने, व्यायाम करने या अधिक शारीरिक मेहनत के दौरान महसूस होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों में शरीर से अत्यधिक पसीना निकलने के कारण पानी और जरूरी खनिज तत्वों की कमी हो जाती है। जब शरीर में तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ता है तो मांसपेशियां सामान्य रूप से काम नहीं कर पातीं और ऐंठन की समस्या पैदा होने लगती है। हालांकि कुछ आसान सावधानियां अपनाकर इस परेशानी से काफी हद तक बचा जा सकता है।
गर्मियों में मांसपेशियों में ऐंठन बढ़ने का सबसे बड़ा कारण डिहाइड्रेशन माना जाता है। तेज गर्मी में शरीर लगातार पसीना छोड़ता है, जिससे पानी की मात्रा कम होने लगती है। पर्याप्त पानी न मिलने पर मांसपेशियों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है और दर्दनाक ऐंठन हो सकती है।
इसके अलावा इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी भी एक महत्वपूर्ण कारण है। पसीने के साथ शरीर से सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी तत्व बाहर निकल जाते हैं। ये सभी तत्व मांसपेशियों के संकुचन और आराम की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाते हैं। इनकी कमी होने पर मांसपेशियों में खिंचाव, दर्द और अकड़न की समस्या बढ़ सकती है।
गर्मी में अत्यधिक शारीरिक गतिविधि भी मसल क्रैम्प्स को बढ़ावा देती है। लंबे समय तक धूप में काम करना, दौड़ना, खेलकूद या कठिन व्यायाम करने से मांसपेशियां थक जाती हैं। इस थकान के कारण अचानक ऐंठन की समस्या सामने आ सकती है।
पोषण की कमी भी एक अहम वजह हो सकती है। यदि भोजन में पर्याप्त विटामिन, मिनरल्स और अन्य पोषक तत्व शामिल नहीं हैं तो मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। ऐसे लोगों में बार-बार ऐंठन की शिकायत देखने को मिल सकती है।
कई बार लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने, खड़े रहने या गलत तरीके से सोने के कारण भी मांसपेशियां अकड़ जाती हैं। इससे अचानक दर्द और ऐंठन की समस्या पैदा हो सकती है।
इस समस्या से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि शरीर को पर्याप्त मात्रा में हाइड्रेट रखा जाए। दिनभर नियमित रूप से पानी पीना चाहिए और केवल प्यास लगने का इंतजार नहीं करना चाहिए। नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी और अन्य प्राकृतिक पेय पदार्थ शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
आहार में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करना भी जरूरी है जो शरीर को आवश्यक खनिज प्रदान करें। केला, संतरा, तरबूज, खीरा, दही और हरी पत्तेदार सब्जियां पोटैशियम, कैल्शियम और अन्य पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने में मदद करती हैं।
नियमित स्ट्रेचिंग और हल्की एक्सरसाइज भी मांसपेशियों को लचीला बनाए रखती है। व्यायाम शुरू करने से पहले वार्म-अप और बाद में कूल-डाउन करना मसल्स को सुरक्षित रखने के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दोपहर की तेज धूप में भारी व्यायाम या अधिक शारीरिक मेहनत से बचना चाहिए। यदि संभव हो तो सुबह या शाम के समय व्यायाम करें, जब तापमान अपेक्षाकृत कम होता है।
यदि किसी मांसपेशी में ऐंठन हो जाए तो प्रभावित हिस्से की हल्के हाथों से मालिश करें और धीरे-धीरे स्ट्रेच करने की कोशिश करें। इससे मांसपेशी को आराम मिलता है और दर्द में राहत मिल सकती है।
हालांकि यदि ऐंठन बार-बार हो रही हो, दर्द बहुत अधिक हो, सूजन दिखाई दे रही हो या इसके साथ कमजोरी और अन्य गंभीर लक्षण भी महसूस हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। कई बार लगातार होने वाली ऐंठन किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकती है।
गर्मियों में सही खानपान, पर्याप्त पानी, नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाकर मांसपेशियों को स्वस्थ रखा जा सकता है। थोड़ी सी सावधानी आपको दर्दनाक मसल क्रैम्प्स से बचाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।
(अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या उपचार के लिए डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।)