गर्मी के मौसम में पसीना आना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन अगर बिना ज्यादा गर्मी, मेहनत या व्यायाम के भी शरीर से लगातार अत्यधिक पसीना निकल रहा है, तो इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। कई लोग इसे मौसम का असर समझकर अनदेखा कर देते हैं, जबकि कई बार यह शरीर में छिपी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए पसीना आना जरूरी है, लेकिन जरूरत से ज्यादा पसीना आने की स्थिति को चिकित्सकीय भाषा में हाइपरहाइड्रोसिस कहा जाता है। इस समस्या में व्यक्ति को सामान्य परिस्थितियों में भी अत्यधिक पसीना आने लगता है, जिससे उसकी दैनिक जिंदगी प्रभावित हो सकती है।
हाइपरहाइड्रोसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर की स्वेद ग्रंथियां जरूरत से ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं। इस कारण हथेलियों, पैरों, चेहरे, माथे और बगल में अत्यधिक पसीना आने लगता है। कई मामलों में यह समस्या आनुवंशिक भी हो सकती है और परिवार के अन्य सदस्यों में भी देखने को मिलती है।
थायरॉइड की गड़बड़ी भी अत्यधिक पसीना आने का एक बड़ा कारण हो सकती है। जब थायरॉइड ग्रंथि जरूरत से ज्यादा सक्रिय हो जाती है, तो शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है। इसके कारण शरीर का तापमान बढ़ता है और व्यक्ति को सामान्य से अधिक पसीना आने लगता है। अगर ज्यादा पसीने के साथ वजन कम होना, दिल की धड़कन तेज होना और बेचैनी महसूस हो रही है, तो थायरॉइड जांच करवाना जरूरी हो सकता है।
मानसिक तनाव और चिंता भी इस समस्या को बढ़ा सकते हैं। जब व्यक्ति तनाव, घबराहट या एंग्जायटी का सामना करता है, तब शरीर में एड्रेनालिन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। यह हार्मोन स्वेद ग्रंथियों को अधिक सक्रिय कर देता है, जिससे हथेलियों और चेहरे पर अचानक ज्यादा पसीना आने लगता है।
डायबिटीज के मरीजों को भी इस लक्षण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। ब्लड शुगर का स्तर बहुत अधिक या बहुत कम होने पर शरीर असामान्य प्रतिक्रिया देता है और अत्यधिक पसीना आने लगता है। कई बार यह डायबिटीज नियंत्रण से बाहर होने का संकेत भी हो सकता है।
मोटापा भी ज्यादा पसीना आने की एक महत्वपूर्ण वजह माना जाता है। अधिक वजन वाले लोगों के शरीर को तापमान नियंत्रित रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसी कारण उन्हें सामान्य लोगों की तुलना में अधिक पसीना आता है। साथ ही मोटापा शरीर पर अतिरिक्त दबाव भी बढ़ाता है, जिससे यह समस्या और बढ़ सकती है।
कुछ दवाइयों के साइड इफेक्ट्स भी अधिक पसीना आने का कारण बन सकते हैं। एंटीडिप्रेसेंट, हार्मोनल दवाएं और कुछ दर्द निवारक दवाएं लेने वाले लोगों में यह समस्या देखी गई है। यदि किसी नई दवा के सेवन के बाद अत्यधिक पसीना आना शुरू हुआ है, तो डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार ज्यादा पसीना आ रहा हो, रात में बार-बार पसीना आता हो, अचानक वजन कम हो रहा हो, कमजोरी महसूस हो रही हो या दिल की धड़कन असामान्य हो, तो तुरंत चिकित्सकीय जांच करवानी चाहिए। समय रहते जांच कराने से किसी गंभीर बीमारी का पता शुरुआती चरण में लगाया जा सकता है।
अत्यधिक पसीना हमेशा सामान्य बात नहीं होती। कई बार यह शरीर का एक महत्वपूर्ण संकेत होता है, जिसे समझना और समय पर इलाज करवाना बेहद जरूरी है।